नेपाल में क्रैश हुए प्‍लेन का ब्‍लैक बॉक्‍स मिला, अब पता चलेगा कि क्‍यों आग का गोला बना जहाज


रिपोर्टर रतन गुप्ता सोनौली /नेपाल16 Jan 2023
नेपाल में रविवार को यति एयरलाइंस (Yeti airlines) का जो प्‍लेन पोखरा में क्रैश हुआ है, उसका ब्‍लैक बॉक्‍स मिल गया है। माना जा रहा है कि अब यह बात सामने आ सकेगी कि आखिर यह हादसा क्‍यों हुआ और इसकी क्‍या वजह थी।

ब्‍लैक बॉक्‍स को तकनीकी शब्‍द में ‘फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर’ कहते हैं——-–—————
ब्‍लैक बॉक्‍स फ्लाइट के दौरान एरोप्‍लेन पर सभी गतिविधियों को रेकॉर्ड करता है—————————-
यह टिटैनियम का बना होता है और इसलिए क्रैश के बाद भी बच जाता है—————————

नेपाल यति एयरलाइंस के दुर्घटनाग्रस्त विमान के दोनों ‘ब्लैक बॉक्स’ सोमवार को बरामद कर लिए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एटीआर-72 विमान रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चालक दल के चार सदस्यों समेत 72 लोग सवार थे। इनमें 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और अन्य चार की तलाश जारी है। हिमालयी राष्ट्र में पिछले 30 से अधिक वर्षों में हुआ यह सबसे घातक विमान हादसा है। ‘यति एयरलाइंस’ के प्रवक्ता सुदर्शन बारतौला ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के ‘ब्लैक बॉक्स’ मौके से बरामद कर लिए गए हैं। उन्हें नेपाल के नागर विमानन प्राधिकरण (सीएएएन) के हवाले कर दिया गया है।
दोनों ब्‍लैक बॉक्‍स मिले
काठमांडू हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ‘यति एयरलाइंस’ के विमान के दोनों ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद हो गए हैं। नेपाल के नागर विमानन प्राधिकरण (सीएएएन) के अनुसार, के 9एन-एएनसी एटीआर-72 विमान ने पूर्वाह्न 10 बजकर 33 मिनट पर काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। पोखरा हवाई अड्डे पर उतरते वक्त विमान पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी के तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि खोज एवं बचाव दल ने सोमवार को फिर तलाश अभियान शुरू किया।‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ और विमान ‘डेटा रिकॉर्डर’ दोनों आज बरामद कर लिए गए।

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क्‍या होता है ब्‍लैक बॉक्‍स
ब्‍लैक बॉक्‍स को तकनीकी शब्‍द में ‘फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर’ कहते हैं। ब्‍लैक बॉक्‍स वही उपकरण होता है जो फ्लाइट के दौरान एरोप्‍लेन पर सभी गतिविधियों को रेकॉर्ड करता है। एक प्‍लेन में दो ब्‍लैक बॉक्‍स होते हैं। एक आगे की तरफ होता है और एक पीछे की तरफ होता है। इनमें फ्लाइट की हर छोटी से छोटी बात रेकॉर्ड होती है। क्रैश के बाद इस बॉक्‍स में मौजूद जानकारियों के आधार पर उन घटनाक्रमों को फिर से जोड़ा जाता है जो हादसे की वजह होते हैं। यह टिटैनियम का बना होता है और इसलिए क्रैश के बाद भी बच जाता है।
बुरी तरह से जले शव
उन्होंने बताया कि शवों के पोस्टमार्टम की तैयारी पूरी कर ली गई है। काठमांडू के त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल से एक चिकित्सकीय दल को हवाई मार्ग से पोखरा लाया जा रहा है। उनके पोखरा पहुंचते ही वहां स्थित पश्चिमी क्षेत्रीय अस्पताल में पोस्ट मार्टम किए जाएंगे। जो फ्लाइट क्रैश हुई उसमें 53 नेपाली, पांच भारतीय, चार रूसी, दो कारियाई, एक आयरिश, एक ऑस्‍ट्रेलियाई, एक अर्जेंटीनी और एक फ्रांस का पर्यटक सवार था। नेपाल पुलिस के प्रवक्‍ता टेक प्रसाद राय ने बताया कि शवों को पहचानने का काम जारी है। लेकिन शव इतनी बुरी तरह से जल गए हैं कि उन्‍हें पहचानने में मुश्किल हो रही है

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