बनरसिहा मे बौद्ध सम्मेलन मे कहे सामाजिक समरसता व विश्व बंधुत्व का पोषक है बौद्ध धर्म

रिपोर्टर रतन गुप्ता महराजगंज

लक्ष्मीपुर के बनरसिहा कला के प्राचीन टीले पर शुक्रवार को बौद्ध सम्मेलन का आयोजन हुआ। बौद्ध भिक्षुओं को संबोधित करते हुए कुशीनगर के भंते यशा धजा ने कहा कि बौद्ध धर्म सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्सव का पोषक है। बौद्ध धर्म मानवतावादी समाज की स्थापना करता है।

देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति नौतनवा के आयोजकत्व में आयोजित सम्मेलन में भंते यशा धजा ने कहा कि इस धर्म में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। गौतम बुद्ध ने कहा था कि जीवन से दुःख का लोप करने के लिये लोभ का लोप करना होगा। सारे कष्ट का कारण लोभ ही है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म भारत से पूरी दुनिया मे फैला और पूरे विश्व में छा गया। दुनिया में कई राष्ट्र तो बौद्ध देश हैं, लेकिन स्वयं अपने ही देश में बुद्ध को मानने वालों की संख्या कम है। बोधगया के भंते वेन विसिट्टा ने कहा बौद्ध धर्म तर्क, बुद्धि व विज्ञान पर आधारित है। बौद्ध पूर्णतः वैज्ञानिक हैं। जिस भूमि पर हम वास कर रहे हैं वहां कभी न कभी बुद्ध के चरण पड़े हुए हैं। आज बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार की अति आवश्यकता है। बुद्ध के त्रिशरण, पंचशील व आष्टांगिक मार्ग पर चल कर जीवन खुशहाल बना सकते हैं। देवरिया के डीपी बौद्ध ने कहा कि बौद्ध धर्म जातिविहीन समाज की स्थापना करता है। देवदह की भूमि पवित्र स्थल है। इसके विकास अति आवश्यक है। देवदह के विकास से सम्पूर्ण क्षेत्र का विकास होगा।

इस अवसर पर भंते आनंद, धम्मपाल, महिपाल, धम्म दूत, किसान नेता सुरेशचंद्र साहनी, गोरख प्रसाद सिद्धार्थ, महेंद्र जायसवाल, लक्ष्मीचंद्र पटेल, सोनू निराला, प्रह्लाद, डॉ. महेंद्र, रोहिन गौतम, हीरेन्द्र गौतम, भगवती, संजय सिंह, रामलगन, संगीता भारती, संतराम, अखिलेश, चरण सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

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