फरेंदा में राजगीर मिस्त्री को इनकम टैंक्स के नोटिस के बाद सहमा चंद्रभान का परिवार —-

क्राइम मुखबिर से उप संपादक रतन गुप्ता की रिपोर्ट –

राजगीर मिस्त्री के नाम से खाता खोलकर आठ वर्ष में 4 करोड़ 30 लाख 15 हजार का किया गया ट्रांजेक्शन —

फरेंदा क्षेत्र के गनेशपुर के राजगीर मिस्त्री को झांसा देकर उसकी आईडी से फर्जी तरीके से खाता खोलकर 4 करोड़ से अधिक के ट्रांजेक्शन के बाद आयकर विभाग का नोटिस पहुंचा तो परिजन हैरान रह गए। पूरा परिवार सहमा हुआ है। उनके घर गांव के तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। पत्नी सुध-बुध खो बैठी हैं।
नगर पंचायत आनंदनगर के गनेशपुर निवासी चंद्रभान ने बताया कि 2016 में गांव के ही आदर्श नामक युवक ने एक हजार रुपये पेंशन दिलाने का झांसा देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड के साथ बैंक पासबुक व एक सादे पेपर पर हस्ताक्षर करवा कर ले गया था। उसके बाद परिवार के लोगों को कुछ नहीं मालूम पड़ा। करीब दो माह पूर्व इनकम टैक्स विभाग का नोटिस भी आया लेकिन, पता नहीं चला। जब 11 अगस्त को जब विभाग का कर्मचारी नोटिस लेकर घर पहुंचा तो दंग रह गए। राजगीर मिस्त्री के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर की माली हालत काफी खराब है। कर्मचारी ने बताया कि चंद्रभान के नाम से करीब चार करोड़ तीस लाख पंद्रह हजार रुपये का लेनदेन किया गया है। यह सुनकर चंद्रभान को चक्कर आ गया। घटना की शिकायत लेकर पीड़ित मुख्यमंत्री के दरबार गोरखपुर पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने तत्काल जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।

पीड़ित ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर केस तो दर्ज हो गया लेकिन नोटिस को लेकर चिंता बनी हुई है। पत्नी सुमित्रा रोते हुए बोलीं कि चार बच्चों के साथ परिवार में किसी प्रकार से दो रोटी नसीब होती है। ऐसे में करोड़ों रुपये के लेनदेन का मामला सिर पर आ गया। अब क्या करें?। चिंता में पति भी दिन भर घर बैठे हुए हैं। आरोपी सिर्फ आश्वासन देने घर पर आए थे। घर पर गांव के लोग जुट कर सांत्वना दे रहे हैं। थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


मजदूरी के दौरान झांसे में आया राजगीर-
आरोपी आदर्श के घर काम के दौरान आदर्श ने कहा कि धूप में काम करते हो तो दो सौ रुपये मिलते हैं। हमको अपना आईडी दो तो महीने में एक हजार रुपये पेंशन दिलाऊंगा। आरोपी की बातों में आकर चंद्रभान ने अपना आधार कार्ड, पैनकार्ड व सादे पेपर पर हस्ताक्षर कर दिया। नतीजा जब मालूम हुआ तो पूरा परिवार परेशान है।

अन्य कारोबारी भी घबरा गए-
दूसरे के आधार कार्ड व बैंक खाते पर फर्जी आईडी से फर्म के संचालन का मामला सामने आया तो आदर्श के साथ रहने वाले अन्य कारोबारी भी घबरा गए हैं। पीड़ित चंद्रभान ने बताया कि मेरी आईडी का प्रयोग उस्का बाजार सिद्धार्थनगर के एक व्यक्ति के साथ गोरखपुर के रहने वाले भी किए हैं। जब मामला सामने आया तो उन लोगों के भी फोन आ रहे हैं।

क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक !

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