ब्लॉक सभागार महाराजगंज में धूमधाम से मनाया गया स्वर्गीय शिवदयाल सिंह चौरसिया जी का पुण्यतिथि —

अभिमन्यु चौरसिया की रिपोर्ट –

आज दिनांक 18/09/2023 को ब्लॉक सभागार महराजगंज में स्व. बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया जी की पुण्यतिथि बड़े धूमधाम से मनाया गया बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया संविधान निर्मात्री सभा की पदेन सदस्य रहे जिन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते हुए दलितों, पिछड़ों शोषितो,वंचितों को न्याय व हक दिलाने का कार्य करते रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महेश चौरसिया ने कहा की
भारत की स्वतंत्रता के पहले और उसके बाद सामाजिक समानता और वंचित तबके के हक की लड़ाई लड़ने वालों में शिवदयाल सिंह चौरसिया (13 मार्च 1903 से 18 सितंबर 1995) का नाम अगली पंक्ति में शामिल है. साइमन कमीशन के सामने वंचितों की समस्याओं को रखने से लेकर काका कालेलकर की अध्यक्षता में गठित पहले पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य के रूप में चौरसिया ने हर मोर्चे पर वंचितों की लड़ाई लड़ी. पहले पिछड़ा वर्ग आयोग में उनका 67 पेज का असहमति नोट ही आगे चलकर मंडल कमीशन की रिपोर्ट तैयार करने की बुनियाद बना. राज्य सभा के सदस्य रहे चौरसिया ने अंतिम सांस तक न्यायालय से लेकर सड़क तक वंचित तबके के हकों की लड़ाई लड़ी.

चौरसिया का जन्म उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के खरिका गांव में हुआ था, जिसे इस समय तेलीबाग के नाम से जाना जाता है. इनके पिता पराग राम चौरसिया सोने चांदी के व्यवसायी थे. बचपन में ही उनकी मां राम प्यारी का निधन हो गया. संपन्न परिवार में जन्मे चौरसिया ने विलियम मिशन हाईस्कूल, लखनऊ से मैट्रिक और कैनिंग कॉलेज से बीएसी और एलएलबी की डिग्री हासिल की और बैरिस्टर बने.
ओबीसी को दी अलग पहचान
चौरसिया 1929 में बने यूनाइटेड प्रॉविंस हिंदू बैकवर्ड क्लास लीग से शुरुआत से ही जुड़े रहे. उन्होंने 1930 के दशक के शुरुआत में हिंदू बैकवर्ड शब्द प्रचलित किया, जिससे पिछड़े समाज की डिप्रेस्ड क्लास से अलग पहचान हो सके. सामान्यतया डिप्रेस्ड क्लास से अछूत होने का अर्थ निकलता था. चौससिया ने यह कहा कि पिछड़े वर्ग के लोग दरअसल शूद्र हैं, जो भारत के मूलनिवासी हैं. (इंडियाज साइलेंट रिवॉल्यूशन- द राइज आफ द लो कास्ट्स इन नॉर्थ इंडियन पॉलिटिक्स), लेखक क्रिस्टोफे जेफ्रले, पेज 223)

चौरसिया ने आरक्षण पर काफी जोर दिया. उनका मानना था कि जब तक किसी समुदाय को महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने का मौका नहीं मिलता, तब तक समाज में बदलाव नहीं हो सकता. अगर उच्च शिक्षित व्यक्ति और डिग्रीधारक व्यक्ति को प्रमुख पद पर बैठाया जाए, तभी वह किसी चीज को नियंत्रण करने की स्थिति में आ सकता है. चौरसिया ने विधानसभाओं और लोकसभा में भी पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिए जाने की मांग की थी.

सदर ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि विवेक गुप्ता , भाजपा जिला महामंत्री संजय वर्मा , भाजपा सोशल मीडिया जिला संयोजक महेश चौरसिया , पूर्व प्रधान रामराज चौरसिया , राजकुमार चौरसिया , चौरसिया शंभू वर्मा , बच्चू लाल चौरसिया , गुलाब चौरसिया , विष्णुदेव चौरसिया , रामबचन चौरसिया , ब्रह्मानंद , सुभाष जी, नायक जी, अवधेश चौरसिया, संजय चौरसिया, बिकाऊ प्रसाद आदि तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।

क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *