नौतनवां तहसील क्षेत्र के गांव नरकटहा में बदहाल बारात घर

क्राइम मुखबिर से उप संपादक रतन गुप्ता की रिपोर्ट


नौतनवा तहसील क्षेत्र के गांव नरकटहा तथा चकदह में लाखों रुपये की लागत से बने बारात घर देखरेख के अभाव में जर्जर हो गए हैं। इससे यह बेमतलब साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की, लेकिन अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया।
बृहस्पतिवार दोपहर 12:30 बजे नरकटहा में पहुंचने पर बरात घर में गांव के कुछ बच्चे खेलते मिले। भवन की रंगाई-पुताई वर्षों से नहीं हुई। बारात घर में एक हाल, किचन, शौचालय बना है। सभी के फाटक गायब हो गए हैं। खिड़कियों में शीशे के फाटक लगे थे। सभी नदारत हैं। फर्श टूटे पड़े हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। परिसर में शौचालय की टंकी के ऊपर मिट्टी नहीं पड़ी है। आने जाने में समस्या होती है।


राजेश्वर सिंह ने बताया पिछले वर्ष चहारदीवारी बनी है, लेकिन इतने से समस्या समाधान नहीं हो सकता है। बारात घर की पूरी व्यवस्था सुधार करने की जरूरत है। रामसेवक ने बताया कि ग्राम पंचायत के चार पुरवे नरकटहा, रगरगंज, चमैनिया उर्फ भेड़ही एवं नौडिहवा मिलाकर 2500 की आबादी है। बारात यहीं पर ठहरती है। सुविधाओं के अभाव में बहुत परेशानी होती है। ग्राम प्रधान कमलावती के पति प्रहलाद चौधरी ने कहा कि बारात घर ठीक करवाने के लिए फाइल बनवा रहे हैं। सेक्रेट्री योगेश मद्धेशिया ने कहा कि बारात घर बदहाल है। बजट आते ही उसका जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

दोपहर एक बजे चकदह के टोला मनिकापुर में पहुंचने पर बरात घर बदहाल मिला। भवन देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। वर्षों से रंगाई पुताई नहीं हुआ है। दरवाजे पर फाटक नहीं है कुछ खिड़कियां टूटी हुई हैं। हैंडपंप नहीं है। चाहरदीवारी नहीं लगी है। भवन में साफ-सफाई नहीं है। चकदह गांव की आबादी लगभग 15000 है। यहां कुल 21 टोले हैं। गांव में बरात की सुविधा के लिए शासन द्वारा सत्र 2013-14 में बारात घर का निर्माण कराया था, लेकिन विभागीय उदासीनता तथा देखरेख के अभाव में भवन बेमतलब साबित हो रहा है।

क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक !

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