रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर भेजा पत्र ।

संवाददाता सिंदुरिया अमरेन्द्र गिरी की विशेष रिपोर्ट –

महराजगंज- सदर ब्लाक के मिठौरा के रोजगार सेवकों ने पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी 8 सूत्री मांग पत्र भेजा है।
जिसमें मुख्य मांग वर्तमान समय में मानदेय 7788 रु0 प्रतिमाह मिल रहा है परंतु 2212 रुपए विगत 22 माह बाद भी ईपीएफ के यूएएन के खाते में जमा नहीं किया गया है, जिससे किसी भी मनरेगा कर्मियों की मृत्यु पर उसके आश्रित को कोई लाभ नहीं मिल पाता है। अत : मृतक आश्रित को उसी पद पर समायोजन भी कराया जाए। ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायतों के साथ- साथ रिक्त ग्राम पंचायतों में भी कार्य लिया जाए जिस संबंध में 31 मई, 2022 को पत्रांक संख्या – 1086 के अंतर्गत आयुक्त महोदय द्वारा शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है। मानव संसाधन नीति एच आर पॉलिसी के संबंध में 31 मई, 2022 को पत्रांक संख्या-1087 के अंतर्गत विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है। ग्राम रोजगार सेवकों पर फर्जी कार्यवाही ना हो जिस संबंध में पत्रांक संख्या -1085 के माध्यम से आयुक्त महोदय द्वारा पत्र शासन को प्रेषित किया गया है। जॉब चार्ट में अन्य कार्य जोड़ने के संबंध में 18 नवंबर, 2021 को व उसके उपरांत विभाग द्वारा कई बार रिमांडर शासन को भेजा गया है, जिसके अंतर्गत 4 विभागों के कार्य जोड़ने थे परंतु सिर्फ प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास की जियो टैग के ही कार्य जोड़े गए हैं अन्य कार्यों को भी जॉब चार्ट में जोड़ा जाए एवं बकाया मानदेय दिया जाए। राज्य कर्मचारी का दर्जा ग्राम रोजगार सेवकों को दिया जाए।आठ सूत्रीय मांग पत्र।1- दिनांक 04 अक्टूबर 2021 को डिफेंस एक्सपो के मैदान मे आयोजित सम्मेलन में मा0 मुख्यमंत्री जी के द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों व मनरेगा कार्मियों के सम्बन्ध में की गयी घोषणाओं पर आदेश निर्गत कराये जाय जिसमें जॉब चार्ट में कार्य जोड़ना सेवा समाप्ति उपायुक्त मनरेगा की ही सहमति से किया जाए एच0आर0 पॉलिसी लागू कराना इत्यादि । हिमाचल प्रदेश / राजस्थान / मध्यप्रदेश की तरह वेतनमान / मानदेय में बढ़ोत्तरी की जाय। ग्राम विकास अधिकारी भर्ती में 50 प्रतिशत का कोटा ग्राम रोजगार सेवक के लिए आरक्षित किया जाए । ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायत के साथ-साथ रिक्त ग्राम पंचायतों में भी कार्य लिया जाय एवं मनरेगा की यूजर आई०डी० पासवर्ड सिर्फ ग्राम रोजगार सेवको को ही दिया जाय।, कोविड के अतिरिक्त आकस्मिक / दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके आश्रित को सेवा मे समायोजित किया जाए।ई०पी०एफ० कटौती की धनराशि मनरेगा कर्मचारियो के यू0ए0एन खाते में भेजी जाए। ,ग्राम रोजगार सेवको को नियमित करते हुए राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाय व पदनाम ग्राम विकास सहायक किया जाए। पूर्व वित्तीय वर्षो का बकाया मानदेय दिलाया जाय ।


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