नकली दवा का धंधा करने वालों पर लगा गैंगस्टर, पुलिस ने छह महीने पहले गिरोह का किया था पर्दाफाश

रिपोर्टर डा राज कुमार मिश्र

गोरखपुर। नकली दवा बनाने वाले गिरोह के खिलाफ कानपुर के गोविन्द नगर थाने की पुलिस ने सोमवार को गैंगस्टर की कार्रवाई की। गिरोह के मास्टर माइंड गौरव मिश्रा और सरगना प्रियांशु चौहान नामी कंपनियों की नकली दवाएं बनाकर उत्तर प्रदेश में ही नहीं कई राज्यों में नकली दवा सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस ने योगी सरकार की मंशानुसार गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को जेल भेजा था।

एसीपी बाबू पुरवा संतोष सिंह ने बताया कि गोविन्द नगर थाना क्षेत्र में स्थित कामद गिरी अपार्टमेंट जूही कला निवासी प्रियांशु कुमार चौहान ने नकली दवा कंपनी खोली थी। प्रियांशु मूल रूप से गोरखपुर के कृष्णा नगर प्राइवेट कॉलोनी का निवासी है। इस गोरखधंधे में यू-ब्लॉक निराला नगर निवासी गौरव मिश्रा, प्रियांशु की पत्नी सीमा सिंह, हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित फील्ड कॉलोनी ध्रुव अरोड़ा,लखनऊ के देवस्थान सेक्टर बी अनौरा कला निवारीगंज चिनहट निवासी लक्ष्मीकांत चौहान,गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में स्थित बसारतपुर कृष्णा नगर प्राइवेट कॉलोनी निवासी राजवीर, उत्तरी जटेपुर कृष्णा नगर प्राइवेट कॉलोनी थाना शाहपुर गोरखपुर निवासी प्रेमशंकर चौहान और गोरखपुर के इसी मोहल्ले में रहने वाले हरिशंकर चौहान मिलकर नकली दवाओं का कारखाना संचालित कर थे। क्राइम ब्रांच और गोविंद नगर पुलिस ने इस भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए गिरोह का खुलासा किया था। गोविंद नगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि नकली दवाएं बनाने के मामले में 8 लोगों को जेल भेजा गया था। लेकिन चार लोग अब तक जमानत पर रिहा हो चुके है, जबकि वर्तमान में गिरोह के चार सदस्य अभी जेल में बंद है।

गोविंद नगर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि शातिरों ने सिर्फ कानपुर में नही, पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में नकली दवाओं की सप्लाई कर रहे थे। योगी सरकार के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पूरे गिरोह की कमर तोड़ने के लिए अब गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।

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