बच्चों से चोरी कराने के लिए देते थे 12 से 15 हजार रुपये महीना, झारखंड के गिरोह का ऐसे हुआ पर्दाफाश


रिपोर्टर रतन गुप्ता महराजगंज Sun, 29 Jan 2023

गोरखपुर एसपी सिटी ने बताया कि ये लोग शहर बदलकर घटना को अंजाम देते थे। इनका नेटवर्क गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, बिहार के छपरा, सिवान जैसे जिलों में भी है। ये अपना स्थायी ठिकाना किसी भी शहर को नहीं बनाते थे।

झारखंड का गिरोह, शहर में बच्चों से मोबाइल फोन की चोरी कराता था। बदले में इन बच्चों को प्रति माह 12 से 15 हजार रुपये महीने दिए जाते थे। कैंट थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इनके पास से 11 मोबाइल फोन, 350 ग्राम नशीला पदार्थ और 7700 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी को शनिवार को कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मोबाइल फोन चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों के शहर में होने की सूचना मिली थी। सर्विलांस की मदद से शनिवार सुबह प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट शशिभूषण राय, जटेपुर चौकी प्रभारी धीरेंद्र राय ने गोलघर काली मंदिर के पास एक अपचारी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया।
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में उनकी पहचान झारखंड के साहबगंज, तलझाड़ी स्थित महराजपुर नया टोला निवासी मनोज मंडल उर्फ बाटू, सुनील महतो, तेतर महतो, तीन पहाड़ थानाक्षेत्र बाबूपुर निवासी परन कुमार व करन कुमार, तलझाड़ी थानाक्षेत्र के सकरी गली टोला बरी भगिया मारी निवासी मो. सज्जाम अंसारी के रूप में हुई। बाल अपचारी के कब्जे से चोरी के 11 मोबाइल फोन, 7700 रुपये और नशीला पदार्थ मिला। पुलिस ने इनके खिलाफ चोरी और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर छह आरोपियों को जेल भिजवा दिया। साथ ही अपचारी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
एसपी सिटी ने बताया कि गिरोह का सरगना मनोज मंडल और तेतर महतो हैं। ये दोनों नाबालिगों को 12 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह देते थे। बदले में उनसे चोरी करवाते थे। कोतवाली थानाक्षेत्र के दुर्गाबाड़ी और गोरखनाथ के मोहरीपुर में ये किराए पर कमरा लेकर रहते थे। उन्होंने बताया कि जहां पर आरोपी कमरे लेकर रहते थे, उनसे भी पूछताछ की जा रही है।
शहर बदलकर देते थे वारदात को अंजाम
एसपी सिटी ने बताया कि ये लोग शहर बदलकर घटना को अंजाम देते थे। इनका नेटवर्क गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, बिहार के छपरा, सिवान जैसे जिलों में भी है। ये अपना स्थायी ठिकाना किसी भी शहर को नहीं बनाते थे। बाहर से आते थे और घटना को अंजाम देने के बाद निकल जाते थे।
बच्चे करते थे चोरी, रहती थी गैंग की नजर
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी, बच्चों से होटल, मॉल, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन जैसे इलाकों में चोरी करवाते थे। इस दौरान गिरोह के सदस्यों की नजर बच्चों पर होती थी। जैसे ही चोरी की घटना को अंजाम देते थे, वैसे ही सदस्य चोरी का सामान लेकर चले जाते थे, ताकि बच्चे के पकड़े जाने पर अगर जांच हो तो किसी को कुछ न मिले।

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