वज्रपात व सर्पदंश से बचाव विषयक जागरूकता कार्यक्रम को लेकर की गई बैठक

-विद्यार्थियों को बनाएं आपदा का एंबेसडर: उपाध्यक्ष

गोरखपुर।आपदा न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर सर्किट हाउस सभागार में।सोमवार को आगामी 15 फरवरी को जनपद के समस्त विद्यालयों में आयोजित होने वाले वज्रपात एवं सर्पदंश से बचाव विषयक जागरूकता कार्यक्रम तथा प्राधिकरण द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विद्यार्थियों के माध्यम से विद्यालय की संवेदनशीलता का आकलन व विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना निर्माण के संबंध में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की गई।मा०उपाध्यक्ष ने कहा कि सर्पदंश,वज्रपात एवं पानी में डूब के हुई मृत्यु की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाना अनिवार्य है।विद्यार्थियों को आपदा न्यूनीकरण के प्रति जागरूक किया जाए और आपदा का एंबेसडर बनाया जाए जिससे कि विद्यार्थियों के माध्यम से उनके अभिभावकों और जन समुदाय के मध्य जागरूकता फैलाई जा सके।वज्रपात की घटनाओं को न्यून करने के लिए पानी की टंकियों और विशेषकर गौशालाओं पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाया जाए और उनकी जियो टैगिंग की जाए।प्राय: बाढ़ के दौरान ग्राम चारों तरफ से पानी से घिर जाते हैं और रास्ता बाधित होने के कारण नाव का संचालन किया जाता है।उक्त ग्रामों को चिन्हित कर पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग अथवा पंचायती राज विभाग के माध्यम से सड़कों का उच्चरण कराया जाए और आवागमन बाधित ना हो यह सुनिश्चित किया जाए। ऐसे सड़कों के लिए स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड से विभाग अपनी कार्य योजना राहत आयुक्त कार्यालय को प्रेषित कर सकती है।ग्राम पंचायत विभाग के माध्यम से ग्राम स्तर पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों में विभिन्न आपदाओं से बचाव के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,मुख्य अग्निशमन अधिकारी,अपर जिला विद्यालय निरीक्षक एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।साथ ही अन्नपूर्णा मेमोरियल फाउंडेशन, एच यू आर एल, प्रतिभा फाउंडेशन, जेसीआई स्वराज आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।इस बैठक का संचालन जिला आपदा विशेषज्ञ द्वारा किया गया।

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