नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा का गठबंधन बहुमत की ओर, भारत पर गरियाने वाले केपी शर्मा ओली का बुरा हाल

नेपाल में हुए चुनावों में पीएम शेर बहादुर देउबा की पार्टी एनसी के नतृत्व वाला सत्तारूढ़ गठबंधन स्पष्ट बहुमत की तरफ आगे बढ़ रहा है। इस गठबंधन को अभी तक 64 सीटों पर जीत मिल गई है।

रिपोर्टर रतन गुप्ता सोनौली /नेपाल November 25, 2022————————————–
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की पार्टी नेपाली कांग्रेस (एनसी) नीत सत्तारूढ़ गठबंधन संसदीय चुनाव में स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है। पांच दलों के इस गठबंधन ने अब तक घोषित 118 सीट के नतीजों में 64 पर जीत दर्ज कर ली है। संघीय संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चयन प्रत्यक्ष मतदान के जरिए होगा, जबकि बाकी 110 को आनुपातिक चुनाव प्रणाली के माध्यम से चुना जाएगा। किसी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए 138 सीट की आवश्यकता है।

अकेले नेपाली कांग्रेस ने प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत अब तक 39 सीट पर जीत दर्ज कर ली है और वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, उसके गठबंधन सहयोगियों कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन)-माओइस्ट सेंटर ने 12, सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट ने 10, लोकतांत्रिक समाजवादी ने दो और राष्ट्रीय जनमोर्चा ने एक सीट पर जीत दर्ज की है। ये सभी दल सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) नीत गठबंधन ने अब तक 35 सीट पर जीत दर्ज की है। केपी शर्मा ओली चीन के ज्यादा करीबी माने जाते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में भारत के कई हिस्सों को नेपाल का बताया था।

पांच सीट निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के हिस्से आईं

सीपीएन-यूएमएल ने 29 सीट, उसके सहयोगी दलों राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और जनता समाजवादी पार्टी ने क्रमश: चार और दो सीट पर जीत दर्ज की है। नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने सात सीट पर जीत हासिल की है। नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने दो और जनमोर्चा एवं नेपाल मजदूर किसान पार्टी ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है। पांच सीट निर्दलीय एवं अन्य ने जीती हैं। नेपाल में संघीय संसद की 275 सीट और सात प्रांतीय विधानसभाओं की 550 सीट के लिए रविवार को मतदान हुआ था। मतगणना सोमवार को शुरू की गई।

संघीय संसद के कुल 275 सदस्यों में से 165 का चयन प्रत्यक्ष मतदान के जरिए होगा, जबकि बाकी 110 को ‘आनुपातिक चुनाव प्रणाली’ के माध्यम से चुना जाएगा। इसी तरह, प्रांतीय विधानसभाओं के कुल 550 सदस्यों में से 330 का चयन प्रत्यक्ष मतदान, जबकि 220 का चयन आनुपातिक प्रणाली से होगा।

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