निर्मला ने लगाया थाना अध्यक्ष सिंदुरिया पर संगीन आरोप ।
घर पर घुसकर मार-पीट करने एवं अस्मिता पर प्रहार करने संबंधित आरोपों को लगा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिया प्रार्थना पत्र ।

– संवाददाता महराजगंज,


जनपद महराजगंज में बड़ा ही शर्मनाक मामला सामने आया है। जिस पुलिस पर लोगों की सुरक्षा का दायित्व होता है उसी पुलिस पर घर में घुसकर मार पीट करने एवं महिलाओं को बेआबरू करने संबंधित संगीन आरोप लगे हैं ।

विश्वनाथपुर उर्फ पड़वनिया निवासी प्रार्थनीय निर्मला गौड़ ने पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर को दिए प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाया हैं कि दिनांक 03/09/2023 का शाम समय पांच बजे थाना अध्यक्ष सिन्दुरिया अपने हमराह सिपाही नसरुद्दीन सहित अन्य चार को लेकर हमारे घर में घुस गए तथा हम वादनीय की सास चंद्रावती, देवरानी रीना एवं पुत्री सोनम को लाठ, डंडों व घुसो से लगातार मारने पीटने लगे।
यहां तक कि पुलिस की बर्बरता यहीं तक खत्म नहीं हुई बल्कि पीटते पीटते इन्होंने हम महिलाओं को पूरी तरह नंगी कर दिया और शरीर के हर अंगो पर डंडों से चोट करने लगे । बचाव करने आई आशा पत्नी नागेन्द्र, दिग्विजय पुत्र रुदल, सुमन पत्नी दिग्विजय एवं सुमन पत्नी मुकेश को भी पुलिस वालों ने बुरी तरह मारा पीटा। इसकी शिकायत लेकर के जब हम थाने पहुंचे तो ना ही मुलाहिजा की गई ना किसी प्रकार की कार्यवाही की गई।

तब हारकर पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी महाराज गेज से लगायत पुलिस अधीक्षक महराजगंज एवम् पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर से न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में हमारे समाचार कवरेज टीम ने जब पीड़ित पक्ष से मामले के सन्दर्भ में जानकारी चाही तो पीड़ित पक्ष द्वारा बताया गया कि प्रार्थनीय के ही जमीन को डीह के जमीन बताकर एक व्यक्ति द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष जब न्याय की अरदास लेकर सेंदुरिया थाना पर पहुंचा तो उल्टे उसे ही थाना पर बैठा लिया गया । जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो पुलिस को यह बात इतनी नागवाड़ लगी कि पुलिस ने अगले ही दिन उपरोक्त कार्यवाही कर दी।
इस संबंध में जब हमने थानाध्यक्ष सिन्दुरिया से उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका मोबाइल कवरेज क्षेत्र से बाहर मिला।
इस संबंध में जब क्षेत्राधिकारी सदर एवम् अपर पुलिस अधिक्षक महराजगंज के CUG नंबर पर जब सम्पर्क करने की कोशिश की तो उनका भी नंबर कवरेज क्षेत्र से बाहर होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।

आरोपों से घिरी सिन्दुरिया पुलिस पर तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है।
• क्या पुलिस को क्लीन चिट मिल पाएगी।
• मामला पुलिस से जुड़े होने के नाते मामले की जांच में पारदर्शिता रह पाएगी। या फिर ध्वनापूर्ति कर मामले को दबा दिया जाएगा।
• इस मामले पर हमारी समाचार कवरेज टीम लगातार अपनी पैनी निगाह बनाए हुई हैं।
• हम मामले को बिंदुवार लगातार प्रकाशित करते रहेंगे और आज तक योगी सरकार की भयमुक्त अनुशंसा पर योगी राज के अधिकारी कैसे खरा उतरते रहेंगे यह दिखाते रहेंगे ।


क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक !

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