श्रीमद्भागवत कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता

परतावल 29 जून। परतावल बाजार में पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह के यहां श्रीमद्भागवत कथा आयोजन चल रहा है।भागवत कथा के चौथे दिन दिन बुधवार को भागवत कथा वाचक पंडित पंडित विश्वेशर उपाध्याय उर्फ पंकज जी महाराज ने शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। इसे सुन श्रोता भाव विभोर हुए।
प्रभु त्रिकाल दर्शी महादेव और देवी पार्वती का विवाह झांकी, घर के बच्चों द्वारा प्रस्तुत हुआ। बहुत ही सुंदर और अलौकिक दृश्य रहा। कृष्मुरारी सिंह की सुपुत्रिया जिसमें स्नेहा सिंह (पार्वती जी) व श्वेता सिंह(शिव जी) का रूप धारण किया। बड़े ही धूम धाम से भगवान शिव शम्भू की बारात निकाली गई। बच्चों के अपना अभिनय निभाई और कुछ बिच्छू, कुछ अघोरी, तो कुछ भूत बैताल इत्यादि गण बनकर बारात में शामिल हुए।
बहुत ही मनमोहक प्रस्तुति रहीं।

पंडित विश्वेशर उपाध्याय उर्फ पंकज जी महाराज ने भागवत कथा श्रवण कराते हुए कहा कि मनु शतरूपा की कन्या आकूति का विवाह पुत्रिका धर्म के अनुसार रुचि प्रजापति से तथा प्रसूति कन्या का विवाह ब्रह्माजी के पुत्र दक्ष प्रजापति से हुआ। उससे उन्होंने सुंदर नेत्रों वाली सोलह कन्याएं उत्पन्न कीं। इनमें से तेरह कन्याएं श्रद्धा, मैत्री, दया, शांति, तुष्टि, पुष्टि, क्रिया, उन्नति, बुद्धि, मेधा, तितिक्षाए और मूर्तिद्ध धर्म की पत्नियां बनीं। अग्निदेव स्वधा नामक कन्या समस्त पितरों की तथा सती नाम की कन्या महादेव की पत्नी बनीं। उन्होंने कहा कि सती अपने पतिदेव की सेवा में ही संलग्न थीं। दक्ष प्रजापति की सभी कन्याओं को संतान की प्राप्ति हुई लेकिन सती के पिता दक्ष ने बिना किसी अपराध के भगवान शिवजी से प्रतिकूल आचरण किया था। इसीलिए युवावस्था में क्रोधवश योग द्वारा स्वयं ही अपने शरीर का त्याग कर देने से सती को कोई संतान न हो सकी। भागवत कथा के दौरान धार्मिक भजन गाए गए। जिन पर श्रद्धालु थिरके। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर निर्भय सिंह, मनोहर, तेजा, आदित्य विक्रम सिंह, अभिनव सिंह, कौशल श्रीवास्तव, कृष्णमुरारी सिंह, रवि, राधे रमण सहित सैकड़ों जन रहें।

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