गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी पर्व को लेकर तैयारियां तेज, सीएम योगी खुद ले रहे सुरक्षा का जायजा

रिपोर्टर डा राज कुमार मिश्र

पूरा देश मकर संक्रांति और लोहड़ी का पर्व मना रहा है. गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में रविवार यानी 15 जनवरी को बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई जाएगी.
चार दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मंदिर परिसर में कुछ-कुछ देरी पर सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम को देखने और परखने के लिए निकल रहे हैं. इस बीच सीएम योगी लोगों से मिल रहे हैं, तो वहीं बच्चों को दुलार भी करते दिखाई दे रहे हैं.

यूपी के कई मंदिरों में आतंकी हमले के अलर्ट को लेकर गोरखनाथ मंदिर में भी त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. बीते साल गोरखनाथ मंदिर पर हुए हमले को लेकर अधिकारी किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है. यही वजह है कि गोरखनाथ मंदिर परिसर भी एटीएस के सुरक्षा घेरे में है.
गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति यानी खिचड़ी के दिन बाबा गोरखनाथ को कच्ची खिचड़ी चढ़ाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है. मकर संक्रांति के दिन भोर में बाबा गोरखनाथ के पट खोल दिए जाते हैं. इसके बाद आम श्रद्धालुओं के खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो जाता है. रविवार 15 जनवरी को बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई जाएगी. हालांकि मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालु एक दिन पहले ही बाबा गोरखनाथ के मठ में आने लगे हैं.

यहां पर एक माह तक खिचड़ी का मेला भी लगता है. यही वजह है कि गोरखनाथ मंदिर में व्यापक सुरक्षा के घेरे में है. एक माह तक एटीएस, एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड के साथ ही बम निरोधक दस्ता, पीएसी, यूपी पुलिस के जवानों के साथ मंदिर के सेवादार भी व्यवस्था को संभाल रहे हैं.

बीते साल हमलावर मुर्तजा अब्बासी द्वारा गोरखनाथ मंदिर के बाहर हमला कर पीएसी के दो जवानों को घायल करने की घटना के बाद से ही मंदिर की सुरक्षा को और अधिक बढ़ा दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर जहां एटीएस के जवानों की नजर है, तो वहीं पीएसी और यूपी पुलिस के जवानों को भी सुरक्षा में लगाया गया है. एटीएस के जवान बीते दो दिनों से मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद किए गए हैं. एटीएस के 40 जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है. वो बारी-बारी से मंदिर के चारों ओर सुरक्षा कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस बीच गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण करके लोगों का हाल-चाल लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. गोरखनाथ मंदिर को बैरिकेटिंग के माध्यम से घेरकर कतार बनाई गई है. मंदिर के सेवादारों को भी ड्यूटी पर तैनात किया गया है. मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर को फूलों और लाइटिंग के माध्यम से सजाया भी गया है.
गोरखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेला की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर खिचड़ी चढ़ाने के लिए आते हैं. त्रिस्तरीय सुरक्षा की गई है. एटीएस के 40 कमांडो को अत्याधुनिक हथियार के साथ तैनात किया गया है. इसके बाद दूसरे लेयर में पांच क्यूआरटी और मंदिर सुरक्षा की टीम रहेगी. बम डिस्पोजल स्क्वायड, 10 स्नेफर डॉग को हर समय मंदिर के अंदर मौजूद रहकर निगरानी करते रहेंगे. हर बार की तरह खिचड़ी मेला अच्छे से मनाया जाएगा. किसी भी प्रकार की अराजकता और एंटी नेशन गतिविधि कोई न कर पाए, इसके लिए इन्हें एक माह तक खिचड़ी के मेला के लिए तैनात किया गया है.

गोरखनाथ मंदिर में आने वाले लोगों के भीतर गोरखनाथ बाबा की विशेष आस्था है. दीपेश मिश्रा पत्नी बेबी मिश्रा, भाई अखिलेश मिश्रा और भाभी एकता मिश्रा के साथ बाबा गोरखनाथ के दर्शन करने के लिए आए हैं. उनके साथ बच्चे भी दर्शन के लिए आए हैं. वे कहते हैं कि भगवान की कृपा उनके परिवार पर है. एक माह तक यहां पर मेला लगता है. यहां पर देश और विदेश से लोग बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए आते हैं. वे लोग यहां पर बचपन से आ रहे हैं. बाबा गोरखनाथ में लोगों की बहुत आस्था है. हर साल यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने के लिए आते हैं.

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में सदियों से खिचड़ी चढ़ाने की परम्परा है. मान्यता है कि त्रेता युग में हिमांचल प्रदेश के कांगड़ा से बाबा गोरखनाथ भिक्षाटन करते हुए आ रहे थे. इसी दौरान ज्वाला देवी ने उन्हें भोजन के लिए आमंत्रण दिया. उन्होंने ज्वाला देवी से कहा कि वे तो भिक्षा में मिला हुआ भोजन ही करते हैं. वे पानी गर्म करने के लिए किसी पात्र में रखें, वो भिक्षाटन करके आते हैं. भिक्षा मांगते हुए वे वनाच्छादित इस क्षेत्र में आ गए और यहीं पर तपस्या करने के लिए बैठ गए. यहां से गुजरने वाले लोग उन्हें खिचड़ी चढ़ाने लगे. तभी से नाथ संप्रदाय के इस सबसे बड़े पीठ पर बाबा गोरखनाथ को मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी चढ़ाने की परम्परा चली आ रही है.

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