भारत नेपाल बार्डर के सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ गई चावल की तस्करी और जमाखोरी

क्राइम मुखबिर से उप संपादक रतन गुप्ता की रिपोर्ट

11/10/2023


भारत नेपाल बार्डर से प्रत्येक दिन करीब 150 टन चावल अवैध रूप से सरहद पार होने की आशंका, तस्कर हो रहे मालामाल, लोगों की जेब हो रही ढीली –—-
क्रामुस – महराजगंज। निर्यात पर रोक के बाद नेपाल में चावल की तस्करी तेज हो गई है। मांग बढ़ने पर भारतीय क्षेत्र में चावल की कीमतों में प्रति किलो पांच रुपये का इजाफा हो गया है। दो माह पहले 20 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला मोटा चावल 28 से 35रुपये में बिक रहा है। यही चावल नेपाल में जाकर 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। दोगुना मुनाफा होता देख तस्कर चावल सरहद पार करने में जुटे हैं। प्रत्येक दिन करीब 50 टन चावल अवैध रूप से सरहद पार होने का आशंका है। तस्करी बढ़ने से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को मोटा चावल भी महंगे दर पर खरीदना पड़ रहा है।
नेपाल में चावल महंगा हो गया है। तस्करों ने मुनाफा कमाने के लिए अवैध तरीके से चावल को नेपाल भेजना शुरू कर दिया है। महराजगंज से सटे 84 किमी नेपाल सीमा तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है। युवकों और महिलाओं को लालच देकर चावल की तस्करी कराई जा रही है। सीमावर्ती गांव में चावल को रख दिया जाता है, फिर इसे थोड़ा-थोड़ा करके नेपाल में पहुंचा दिया जाता है। नेपाल में दशहरा दिवाली पर्व को देखते हुए विदेशों में नौकरी कर रहे नेपाली लोग घर पहुंच रहे हैं।

इस वजह से समय चावल की मांग काफी बढ़ गई है। सीमावर्ती गांव लक्ष्मीनगर, ठूठीबारी, निचलौल, परसा मलिक, बरगदवा, भगवानपुर, श्याम काट, सोनौली दो नंबर गली, एसएसबी रोड, फरेनिया, हरदी डाली, खनुवा क्षेत्र में तस्कर चावल गोदाम एकत्र कर मौका मिलने पर आसानी से पगडंडियों के रास्ते नेपाल पहुंचा देते हैं। इन दिनों पगडंडियों से जाने वालों की संख्या भी काफी बढ़ गई है।
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में हमेशा निगरानी की जाती है। अगर ऐसी बात है तो जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।


नियम बदलते ही तस्करी शुरू हो जाती—-


नेपाल और भारत में नियम बदलते ही तस्करी शुरू हो जाती है। चावल तस्कर गोपनीय तरीके से काम करते हैं। सूत्रों ने बताया कि मिलों से असली बिल पर पिकअप से सिंगल मार्ग से चावल सीमावर्ती गांव पहुंच जाता है। मिल मालिक इसके लिए अनिवार्य इ-वे बिल नहीं बनाते हैं।


भारत सरकार ने खाद्यान्न के निर्यात पर रोक लगा रखी है। धान, चावल के सभी प्रजाति और धान से ब्रान और गेहूं से बने आटा सूजी मैदा चोकर आदि इन सभी वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध है। भारत सरकार डीजीएफटी से मिले परमिट एवं कोटा पर धान का निर्यात हो रहा है।

पहले मोटा चावल 18 से 20 रुपये किलो मिलता था, अब 25 से 30 रुपये किलो मिल रहा है। खपत बढ़ती है तो क्षेत्र में चावल का रेट बढ़ जाता है। मोटा चावल खरीदने में जेब ढीली हो रही है।
राम प्रसाद, सोनौली

नेपाल से सटे होने के कारण सीमावर्ती बाजार में इसका प्रभाव दिखता है। नेपाल में जो सामान महंगा हो जाता है, वह भारतीय क्षेत्र में भी महंगा हो जाता है। मोटा व महीन चावल का रेट बढ़ गया है।
रमाशंकर चौधरी सोनौली

25 रुपये का चावल सरहद पार होते ही दो गुने दाम में बिकता
चावल तस्करी में अधिक मुनाफे में भारत में 25 रुपये वाला चावल नेपाल पहुंचते ही 60 रुपये किलो हो जाता है। दोगुने से अधिक का रेट नेपाल में आसानी से मिल जाता है। तस्कर सीमावर्ती क्षेत्र के गांव में डंप करते हैं। पोखरा से लेकर चितवन तक चावल डंप किया जाता है।

सीमावर्ती क्षेत्र में कब कहां, बरामद हुआ चावल

–14 सितंबर को एसएसबी ने चंडीथान से 56 बोरी चावल पिकअप के साथ एक तस्कर गिरफ्तार हुआ।
-16 सितंबर को चंडी थान के जवानों ने 20 बोरी चावल और साइकिल की बरामदगी की थी।
– 18 अगस्त को 50 बोरी चावल एसएसबी ने खैरागढ़ से बरामद किया था।
-नौतनवा पुलिस में 3 सितंबर को क्षेत्र भ्रमण के दौरान डंडा नदी के पास 15 बोरी चावल बरामद किया था।
– 16 अगस्त को खनुआ पुलिस चौकी ने खनुआ गांव के पास से 19 बोरी चावल बरामद किया था।

क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक!

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