नौतनवा मिश्रौलिया बांध निर्माण में लगा भ्रष्टाचार का दीमक… कदम-कदम पर उड़ीं नियमों की धज्जियां ———

क्राइम मुखबिर से उप संपादक रतन गुप्ता की रिपोर्ट –

नौतनवा क्षेत्र मिश्रौलिया में रोहिन नदी पर बांध को बैराज बनाने का खेल, 13 अगस्त 2008 को रोहिन नदी में पानी का दबाव बढ़ा तो क्षतिग्रस्त हुआ था वीयर —

नौतनवा रोहिन बांध (वीयर) निर्माण में भ्रष्टाचार का दीमक लगा तो कदम-कदम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। नौतनवा मिश्रौलिया में रोहिन नदी पर बांध को बैराज बनाने के खेल में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। बांध निर्माण में लगा भ्रष्टाचार का दीमक 229 लाख चट कर गया। जांच में धांधली की पोल खुली तो विभाग के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस सेवानिवृत चार अभियंताओं पर केस दर्ज कर विवेचना में जुटी है।

सहायक अभियंता की तहरीर के अनुसार, रोहिन वीयर निर्माण में 229 लाख का काम कराया गया था। पूरी परियोजना की लागत 561.51 लाख रुपये थी। आरोपी चार अभियंताओं की लापरवाही के कारण सरकारी धन का सदुपयोग नहीं हो सका। 28 नवंबर 2007 को निर्माण के लिए टेंडर हुआ था। कार्य समाप्ति की तिथि 11 अगस्त 2008 निर्धारित की गई थी। 13 अगस्त 2008 को रोहिन नदी में पानी का दबाव बढ़ा तो वीयर क्षतिग्रस्त हो गया।


नौतनवा रोहिन नदी पर ग्राम मिश्रौलिया के पास क्षतिग्रस्त रोहिन वीयर के स्थान पर नए वीयर के निर्माण के लिए आमंत्रित अल्पकालीन निविदा 28 नवंबर 2007 को खोली गई। निविदा के विरुद्ध बिना स्वीकृत मानचित्र के अनुबंध गठित किए जाने की अनुमति मुख्य अभियंता ने तीन फरवरी 2008 को अधीक्षण अभियंता को दी। जबकि रोहिन वीयर की ड्राइंग मुख्य अभियंता (गंडक) सिंचाई विभाग, गोरखपुर ने 14 मार्च 2008 को स्वीकृत की। अधीक्षण अभियंता गंडक सिंचाई कार्य मंडल प्रथम गोरखपुर ने कार्य के लिए अनुबंधित लागत 490.25 की स्वीकृति दी। उसमें कार्य शुरू होने की तिथि 11 फरवरी 2008 व कार्य समाप्ति की तिथि 10 अगस्त 2008 निर्धारित की गई।
13 अगस्त 2008 की रात रोहिन नदी में पानी का दबाव बढ़ने से 229 लाख की वीयर क्षतिग्रस्त हो गया। इस प्रकरण में कृष्ण देव शुक्ला, तत्कालीन मुख्य अभियंता (गंडक) सिंचाई विभाग, गोरखपुर की ओर से अनियमितता की गई। अवध कुमार सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (गंडक) सिंचाई विभाग निर्माण में धांधली की। इनके साथ ही अन्य अभियंताओं ने भी नियमों की धज्जियां उड़ाईं।

धांधली के कारण निर्माणाधीन वीयर हुआ क्षतिग्रस्त-

दिलीप कुमार दास, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (गंडक) सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश, गोरखपुर जब अधीक्षण अभियंता गंडक सिंचाई कार्य मंडल प्रथम, गोरखपुर के पद पर कार्यरत रहे। उस अवधि में अनियमितता की। कार्य में धांधली के कारण निर्माणाधीन वीयर क्षतिग्रस्त हो गया।

अभियंताओं ने दायित्वों के निर्वहन में बरती शिथिलता-

अभियंताओं ने दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरती। उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया गया। इस प्रकरण में दिलीप कुमार दास, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (गंडक) सिंचाई विभाग, गोरखपुर की ओर से धांधली की गई। सेवानिवृत्त चार अभियंताओं के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
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इन सेवानिवृत अभियंताओं पर दर्ज है केस-

बटुकेश्वर प्रताप सिंह मुख्य अभियंता गंडक सिंचाई गोरखपुर निवासी मनु विला लाल डिग्गी सिविल लाइन सुल्तानपुर, कृष्ण देव शुक्ला मुख्य अभियंता गंडक सिंचाई निवासी पानापार जिला गोरखपुर, अवध कुमार सिंह अधीक्षण अभियंता निवासी भेड़ीवार शंकरगढ़ प्रयागराज, दिलीप कुमार दास अधीक्षण अभियंता निवासी वैष्णघाट लेनमोहना, द्वितीय तल फ्लैट नंबर दो कोलकाता के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। ये सभी लोग सेवानिवृत हो चुके हैं।

क्राइम मुखबिर
अपराध की तह तक !

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