गोरखपुर में संक्रमण फैलने की वजह बन सकते हैं बाहर से आने वाले यात्री, बिना जांच कराए जा रहे घर

रिपोर्टर डा राज कुमार मिश्र

चीन समेत अनेक देशों में फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने सतर्क कर दिया है लेकिन जिले में सतर्कता का आलम यह है कि यहां जांच बढ़ने की बजाय घटती जा रही है।इसलिए लोगों में छिपा हुआ कोरोना बाहर नहीं आ पाएगा और उसके फैलने की आशंका बलवती हो जाएगी। खासकर बाहर से आ रहे यात्रियों में से एक प्रतिशत की भी जांच नहीं हो पा रही है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन पर जांच संख्या 50 के आसपास सिमट गई है। जबकि रेलवे से लगभग 80 हजार व एयरपोर्ट से दो हजार से अधिक यात्रियों का रोज आना-जाना होता है।

जिले में पूरी सतर्कता कागजों-योजनाओं में है। रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर सोमवार को एक भी यात्री की जांच नहीं हो पाई। एयरपोर्ट पर मात्र 40 लोगों की एंटीजन जांच की गई। आरटी-पीसीआर के लिए उनके नमूने नहीं लिए गए। जिले में सभी केंद्रों पर मिलाकर 461 एंटीजन जांच हुई और आरटी-पीसीआर जांच के लिए 86 लोगों के नमूने लिए गए। रिपोर्ट किसी की पॉजिटिव नहीं आई है। इससे स्वास्थ्य विभाग राहत की सांस ले सकता है लेकिन 80 हजार से अधिक बाहर से आए लोग बिना जांच कराए घर चले गए हैं, वे संक्रमण फैलने के कारण बन सकते हैं।

यही लापरवाही दूसरी लहर में बरती गई थी, जिसका खामियाजा यह शहर भुगत चुका है। प्रतिदिन 14 हजार तक संक्रमित मिल रहे थे। सभी कोविड अस्पतालों में बेड फुल हो गए थे। लोग समुचित उपचार के अभाव में स्वजन को मृत्यु के मुंह में जाते देखते रहे। इस समय वही गलती दोहराई जा रही है।

इस तरह घट रही जांच संख्या

तिथि आरटी-पीसीआर, एंटीजन

26 दिसंबर 201, 509

27 दिसंबर 148, 518

28 दिसंबर 216, 726

29 दिसंबर 181, 265

30 दिसंबर 143, 601

31 दिसंबर 93, 395

02 जनवरी 86, 461

सोमवार को इन केंद्रों पर हुई जांच

केंद्र आरटी-पीसीआर, एंटीजन

जिला अस्पताल 18,18

जिला अस्पताल इमरजेंसी 00, 02

चरगांवा 32,32

खजनी 00, 40

कौड़ीराम 00 ,24

पाली 00, 08

गोला 00, 64

बरही 00, 38

भटहट 00, 60

जंगल कौड़िया 00, 29

शहर 10, 100

निजी पैथोलाजी 26, 06

एयरपोर्ट 00, 40

कोरोना जांच के नोडल अधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि बाहर से आने वालों पर नजर है। रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर पर जबरदस्ती किसी की जांच नहीं की जा सकती। उन्हें जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है लेकिन वे तैयार नहीं हो रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं व निगरानी समितियों को सतर्क कर दिया गया है कि गांव में यदि बाहर से कोई व्यक्ति आए तो नजर रखें। तबीयत खराब होने पर सूचना दें।

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