गोरखपुर में अनाथालय की आड़ में बच्चों की सौदेबाजी! कौन चला रहा रैकेट?


रिपोर्टर रतन गुप्ता महराजगंज Wed, 28 Sep 2022
गोरखपुर में तिवारीपुर के डोमिनगढ़ इलाके में बच्चा चोरी के शक में पकड़े गए दम्पति मऊ में अनाथालय चलाता है। अनाथालय की आड़ में बच्चों की सौदेबाजी का शक है। गगहा के एक युवक को भी पुलिस ने इस मामले में हिरासत में लिया है। उसकी निशानदेही पर उस महिला को पकड़ लिया गया है जो बच्चे को लेकर डोमिनगढ़ पुल पर आई थी और उसे कार सवार लेकर अपने साथ चले गए थे। अब इन सभी को आमने-सामने बैठाकर पुलिस टीम ने पूरी गुत्थी सुलझाने का प्रयास शुरू कर दिया है हालांकि शुरुआती जांच में यह एक गिरोह बताया जा रहा है जिसमें कई लोग शामिल हैं। गिरोह बच्चे का खरीद फरोख्त तक करता है। गिरोह में किस की क्या भूमिका है इसी को समझने के बाद पुलिस इसका खुलासा कर सकती है।

मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के सेखबाड़ा गांव निवासी शेखर तिवारी सोमवार की रात अपनी पत्नी साधना तथा चालक रियाज के साथ स्कार्पियो से डोमिनगढ़ पुल के पास रुका था। यहीं पर एक महिला बच्चे को लेकर आई थी। फिर कार सवार उस महिला को बच्चे सहित अपने साथ लेकर सहजनवां की तरफ चले गए थे। इस घटना के बाद बच्चा चोर बताकर स्थानीय लोगों ने स्कार्पियो को घेर कर शीशा तोड़ दिया और गाड़ी पंक्चर कर दी। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया।

पूछताछ में पता चला कि शेखर मऊ में अनाथालाय चलाता है। गगहा के रहने वाले अंकित नामक युवक से उसकी दोस्ती है। शेखर ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी बीमार हैं, उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए अंकित के कहने पर स्कर्पियों बुक कराकर गोरखपुर आया था। शेखर ने बताया कि उसके साथ उनका कर्मचारी मनीष भी था। अंकित हार्बट बंधे पर मिला और स्कार्पियो में सवार हो गया, जबकि मनीष बंधे पर ही उतर गया। जब भीड़ ने स्कार्पियो को घेरा था तब अंकित वहां से निकल गया था। पुलिस ने बाद में अंकित को हिरासत में लिया और डोमिनगढ़ पुल पर बच्चे के साथ आई महिला की तलाश में जुट गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अंकित की निशानदेही पर मंगलवार की रात में पुलिस ने महिला और बच्चों को बरामद कर लिया है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नाई ने बताया कि पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है, जल्द ही पूरे घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
अंकित यूट्यूब चैनल चलाता है
गगहा इलाके का रहने वाला अंकित यू ट्यूब चैनल चलाता है। उसका कहना है कि लावारिस या फिर बिन ब्याही मां बनी महिला अपना बच्चा देना चाहती है तो वह शेखर के संस्था तक बच्चे को पहुंचाता है। शेखर ने बताया कि अंकित के कहने पर वह बच्चा साथ ले आने के लिए तैयार हो गया था। हालांकि सवाल यह है कि बिना अनुमति के वह किसी भी बच्चे को कैसे ले जा सकता है।

बड़े गिरोह के खुलासे की संभावना

महिला और बच्चे के मिलेन के बाद अब एक बड़े गिरोह के खुलासे की आशंका है। एसओजी और तिवारीपुर पुलिस ने इस मामले में अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें कुल 10 से ज्यादा लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। महिला से पूछताछ के साथ ही अन्य लोगों से पूछताछ कर पुलिस अब किसी नतीजे पर पहुंचेगी। अब वह बच्चा किसका है महिला क्यों देना चाहती थी। क्या वह बच्चा चोरी का है इन सभी सवालों का पुलिस ने जवाब तलाशना शुरू कर दिया है।

छह माह में नौ बच्चे लापता, तीन की मिली लाश

छह महीने में सात बच्चे लापता हुए और तीन की अब तक लाश मिल चुकी है। वहीं चार बच्चों का अभी तक कोई सुराग नहीं है। इनमें 24 सितम्बर को मेडिकल कालेज परिसर से गायब छह साल और सात साल के भाई-बहन भी शामिल हैं। इसके अलावा एक डेढ़ महीने के मासूम को तो बाइक सवार युवक और युवती ने अगवा किया था। जबकि दूसरा दरवजा से खेलते समय गायब हो गया था। जिन बच्चों की लाश मिली है उनमें सिर्फ एक का ही कातिल पकड़ा गया है। एक बच्चे का तो सिर्फ सिर मिला है धड़ आज तक नहीं मिला उसकी वजह से उसकी पहचान भी नहीं हो पाई है।

ऐसा नहीं है कि सात बच्चों के अलावा अन्य किसी बच्चों को बरामद नहीं किया गया है। कई ऐसे मामले आए जिसमें अपहरण के दौरान या फिर लापता होने के 24 घंटे के अंदर जिन बच्चों को पुलिस ने बरामद कर लिया वही मिल पाए हैं। बच्चों के लापता होने के बाद जैसे-जैसे बरामदगी के घंटे बढ़ते जाते हैं वैसे-वैसे पुलिस की कामयाबी का प्रतिशत भी कम होता जाता है। इसके उदाहरण अभी भी लापता चल रहे चारों बच्चें हैं। भाई-बहन के लापता होने पर एक बात राहत वाली है कि बच्चों के नाना ने उनके पिता पर चोरी का आरोप लगाया है।

ये बच्चे हैं अभी लापता

● एक मई को सिकरीगंज में एक बच्चे का सिर सड़क के किनारे मिला। पुलिस ने सिर के सहारे उसकी पहचान करने के साथ ही धड़ की तलाश की लेकिन तीन महीने बाद भी इसमें भी सिकरीगंज पुलिस को काई कामयाबी नहीं मिली।

●जून, चिलुआताल के मुआतर से डेढ़ महीने के एक बच्चे को बाइक सवार युवक और युवती उठा ले गए। ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर के बेटे को पुलिस आज तक नहीं तलाश पाई।

●जुलाई,कैम्पियरगंज के डुमरिया गांव से 13 जुलाई की शाम डेढ़ साल का मासूम लापता हो गया। डुमरिया गांव के राजेश यादव का डेढ़ साल का बेटा सिद्धार्थ दरवाजे पर खेल रहा था।

●सितम्बर,मेडिकल कालेज परिसर से छह साल और सात साल के दो बच्चे 24 सितम्बर 2022 को उस वक्त गायब हो गए जब उनकी नानी उन्हें परिसर स्थित रैन बसेरा में सुलाकर अपनी बेटी की तीमारदारी में वार्ड में गई थी। बच्चे यहां से कहां गए पता नहीं। पुलिस ने हर संभव स्थानों पर तलाश की कहीं पता नहीं चला तो बच्चों के नाना की तहरीर पर उनके पिता के खिलाफ बच्चों की चोरी का केस दर्ज कर लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *